Tuesday, February 12, 2008

एक खाली ख़त नाम था आया
ये समझाने को
शब्दों की ज़रूरत नहीं है
प्यार जतलाने को
एक खाली ख़त नाम था आया.........

यू रुसवा रुसवा तुम न बैठो
दिल की बाते दिल में रखो
आएगा फाल्गुन फिर से
प्रीत जताने को
एक खाली ख़त नाम था आया....

एक कहावत बड़ी पुरानी
रमता जोगी, बहता पानी
तू पानी बन साथ मेरे संग
प्यास जगाने को
एक खाली ख़त नाम था आया....

जब सरसों पीला रंग पाये
बेला मिलन की महकती आये
बहुत से फूल होंगे बगिया में
फिर मुस्काने को
एक खाली ख़त नाम था आया....

मैं खाली ख़त सीने से ला के
चंचल मन में राज़ छुपा के
इतराती फिरती रहती हूँ
झलक सी पाने को
एक खाली ख़त नाम था आया....

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